गणित एवं वेदों के संबंधों पर शोध को बढ़ावा देने पर जोर
हरिद्वार, 22 सितंबर (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय), हरिद्वार के गणित एवं सांख्यिकी विभाग की ओर से राष्ट्रीय सम्मेलन “इमर्जिंग ट्रेंड्स इन कम्प्यूटेशनल एंड एप्लाइड मैथमेटिक्स (ईटीकेम-26)” का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य कम्प्यूटेशनल एवं एप्लाइड मैथमेटिक्स के क्षेत्र में नवीन विचारों, शोध कार्यों और उभरती प्रवृत्तियों के आदान-प्रदान के लिए शैक्षणिक मंच उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में समविश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने जीवन के विभिन्न पहलुओं को गणित से जोड़ते हुए वेदों और गणित के बीच संबंधों को समझने तथा इस दिशा में शोध कार्य को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने शोधार्थियों और विद्वानों को वैदिक परंपरा में निहित गणितीय ज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. एस.के. कौशिक ने कीनोट व्याख्यान में सम्मेलन के विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, जेपी इंस्टीट्यूट नोएडा के प्रो. बी.पी. चमोला ने ऑनलाइन माध्यम से विशिष्ट व्याख्यान दिया।
गणित एवं सांख्यिकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सीमा शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि सम्मेलन में देश के विभिन्न संस्थानों से 116 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें शिक्षक, शोधार्थी, विद्वान और विद्यार्थी शामिल रहे।
डीन, फैकल्टी ऑफ साइंस एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. एल.पी. पुरोहित ने गणित को सभी विज्ञानों की जननी बताते हुए भारत के गणित के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने महान भारतीय गणितज्ञों की परंपरा का उल्लेख करते हुए शतरंज के आविष्कार का उदाहरण दिया और गणित को रोचक विचारों तथा बौद्धिक रचनात्मकता से जोड़कर समझाया।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक डॉ. सुहास ने शैक्षणिक सम्मेलनों की उपयोगिता बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विद्वानों के बीच संवाद का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम समन्वयक प्रो. मनोज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्र विशाल कुमार ने किया। इस दौरान प्रो. निधि हाण्डा, डॉ. रीतू अरोड़ा, डॉ. अजेन्द्र कुमार, डॉ. हरेन्द्र कुमार, डॉ. सगराम वर्मा, डॉ. ममता, डॉ. सुषमा, डॉ. हरदीप, कमल कुमार, दीपक सिंह उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

