नैनीताल में पर्यटकाें की भारी भीड़, कई लाेगाें काे सड़काें पर बितानी पड़ी रात
नैनीताल, 28 जून (हि.स.)। नैनीताल में यह सप्ताहांत पर्यटकों की संख्या और अव्यवस्थाओं के लिहाज से सबसे बड़ा रहा है। शनिवार 27 जून और रविवार 28 जून 2026 के इस सप्ताहांत पर सीमित सुविधाओं वाली पर्वतीय पर्यटन नगरी नैनीताल में 20 से 25,हजार सैलानियों के पहुंचने का अनुमान है। शनिवार रात्रि बड़ी संख्या में पर्यटक होटलों में कमरे न मिलने या उनके बजट के अनुसार न मिलने के कारण खुले में रात्रि बिताने को मजबूर रहे। साथ ही नगर में वाहनों को पार्किंग के लिये भी स्थान उपलब्ध नहीं हो पाया, जिस कारण रात्रि 2 बजे तक पर्यटक वाहन नगर में एक से दूसरी पार्किंग में स्थान तलाशने के लिये भटकते देखे गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सप्ताहांत की शुरुआत से ठीक पहले, शुक्रवार 26 जून को यहां 10 हजार से अधिक पर्यटकों के पहुंचने और नगर के होटलों, होमस्टे और गेस्ट हाउसों में 70 प्रतिशत से अधिक कमरे बुक होने की बात कही गयी थी। जबकि शनिवार को मध्य रात्रि के बाद तक पर्यटकों का अपने वाहनों से नगर में पहुंचने का क्रम जारी रहा और 15 हजार से अधिक सैलानियों की आवक बतायी गयी। इसका कारण नीट आदि प्रवेश परीक्षाओं के हो चुकने, मैदानी क्षेत्रों में गर्मी के अत्यधिक बढ़ना भी माना जा रहा है। साथ ही चूंकि मैदानी इलाकों में 1 जुलाई से विद्यालय ग्रीष्मावकाश के बाद पुनः खुलने जा रहे हैं, इसलिए इस ग्रीष्मावकाश का यह आखिरी सबसे बड़ा भीड़ वाला सप्ताहांत माना जा रहा है।
इस दौरान शनिवार रात्रि बड़ी संख्या में सैलानी तल्लीताल डांठ एवं मल्लीताल रिक्शा स्टेंड आदि के पास खुले में चादर बिछाकर या बेंचों में और कई पर्यटक पार्किंग न मिलने के साथ माल रोड सहित मल्लीताल स्टेट बैंक के सामने सहित कई स्थानों पर अपने वाहनों को खड़े कर वहीं सोते नजर आये। कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया कि एक दिन रुकने के बाद होटलों ने कमरे का किराया बढ़ा दिया, जिस पर उन्होंने कमरा छोड़ दिया। वहीं कुछ ने होटलों के द्वारा पहले से बुकिंग के बावजूद कमरे न देने जैसे आरोप भी लगाये। माना जा रहा है कि आगे मैदानी क्षेत्रों में विद्यालयों के ग्रीष्मावकाश के खुलने और नये शैक्षणिक सत्र के लिये प्रवेश होने तथा बारिश का मौसम आने के साथ पर्यटकों की संख्या खासकर सप्ताह के बीच के दिनों में कम हो सकती है, जबकि पर्यटन व्यवसायी आगे भी सैलानियों की आवक बने रहने के प्रति आशान्वित हैं।
इससे पहले काठगोदाम में हल्द्वानी बाइपास के पुल से लेकर रानीबाग तक और रूसी बाइपास, नारायण नगर, भीमताल, भवाली में सेनिटोरियम से भूमियाधार तक वाहनों के जाम लगे रहे। इधर रविवार को भी नगर में सैलानियों की भारी भीड़ रही। नगर में कई दौर की बारिश की बावजूद नैनी झील में बारिश के रुकते ही और बारिश शुरू होने के बाद तक नौकाओं का मेला सा लगता रहा। अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सैलानी उमड़े रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

