उत्तरकाशी: वनाग्नि रोकथाम के लिए प्रशिक्षण और मॉक अभ्यास
उत्तरकाशी, 06 मार्च (हि.स.)। जिले भर में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वन विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को वनाग्नि रोकथाम और नियंत्रण के बारे में सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी गई है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य व प्रभागीय वनाधिकारी डी पी बलूनी के निर्देशों के क्रम में ग्रीष्मकाल के दौरान होने वाली वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर वनाग्नि रोकथाम संबंधी प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं मॉक अभ्यास का आयोजन वन विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों के विकासखण्ड परिसर भटवाड़ी में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों (गंगोत्री,टकनौर, बाड़ाहाट,भूमि संरक्षण वन प्रभाग, गंगोत्री नेशनल पार्क एवं वन निगम) को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण जानकारियां दी की गईं और मॉक अभ्यास भी कराया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग के 83 अधिकारियों और कर्मचारियों सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी भाग लिया। इस दौरान फायर सर्विस के आरक्षी संजय कुमार ने घरेलू आग एवं वनाग्नि की घटनाओं के बारे में जानकारी देते हुए वन संपदा को बचाने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के प्रयोग की जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिनव ने वनाग्नि में घायल व्यक्तियों को दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण मे बन क्षेत्राधिकारी टकनौर, वन विभाग के वन बाडाहाट मुकेश रतूड़ी ने वनाग्नि की पीपीटी के माध्यम से वनाग्नि एवं वन संपदा की सुरक्षा तथा घायल व्यक्तियों के प्रबंधन में रिस्पांस टाइम को कम करने के उपायों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण मे रूप मोहन नौटियाल वन क्षेत्राधिकारी टकनौर, वन क्षेत्राधिकारी गंगोत्री यशवन्त चौहान, वन क्षेत्राधिकारी इन्द्रावती महावीर सिंह खरोला उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल

