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हरिद्वार में एआई का दुरुपयोग, गंगा स्नान के वीडियो से छेड़छाड़ कर महिला को बदनाम करने की कोशिश

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हरिद्वार में एआई का दुरुपयोग, गंगा स्नान के वीडियो से छेड़छाड़ कर महिला को बदनाम करने की कोशिश


हरिद्वार, 16 सितंबर (हि.स.)। सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग का मामला धर्मनगरी हरिद्वार में सामने आया है। हरकी पैड़ी के मालवीय घाट पर गंगा स्नान कर रही एक महिला के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक रूप में वायरल करने का आरोप लगा है। वीडियो सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों में भारी नाराजगी है और कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

बताया गया कि मालवीय घाट पर स्नान कर रही महिला का किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाया था, जो पहले सामान्य रूप में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आरोप है कि बाद में शरारती तत्वों ने उसी वीडियो को डाउनलोड कर एआई तकनीक की मदद से उसमें छेड़छाड़ की और महिला के कपड़ों को बदलकर आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर दिया।

इस फर्जी वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो तेजी से फैलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। हालांकि सोशल मीडिया पर हुए फैक्ट चेक में दावा किया जा रहा है कि मूल वीडियो अलग है और वायरल हो रहा आपत्तिजनक वीडियो एडिटेड है। फिलहाल मूल और एडिटेड वीडियो की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मामले ने महिलाओं की निजता और एआई के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हरकी पैड़ी देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसे में यहां के वीडियो से छेड़छाड़ को तीर्थ की गरिमा से खिलवाड़ माना जा रहा है। बताया जा रहा है की हरियाणा के भिवाड़ी की रहने वाली उक्त महिला सोनम यादव ने इस मामले में क्राइम ब्रांच में भी शिकायत की है।

श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इसे अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा कि यह हरिद्वार और तीर्थ की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने शासन-प्रशासन से दोषियों की पहचान कर मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी अंशुल अग्रवाल ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में है और जांच की जा रही है। पुलिस मूल स्रोत, छेड़छाड़ के स्तर और वायरल करने वालों की पहचान में जुटी है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला