अगस्त्यमुनि में प्रशासन ने रुकवाई नाबालिग की सगाई
अगस्त्यमुनि, 08 मई (हि.स.)। रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में बाल विवाह का मामला सामने आने पर प्रशासन और संबंधित विभागों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका की सगाई रुकवा दी। अधिकारियों की समझाइश और काउंसलिंग के बाद दोनों पक्ष बालिका की बालिग होने तक विवाह संबंधी कार्यक्रम स्थगित करने पर सहमत हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सात मई की रात करीब आठ बजे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को बाल विवाह की सूचना मिली। सूचना मिलते ही डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देशन में गठित टीम सक्रिय हुई। टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे टीम डांगी पठालीधार गांव पहुंची। जहां एक नाबालिग बालिका की सगाई क्यार्क बरसूड़ी में प्रस्तावित थी। मौके पर अधिकारियों ने वर और वधु पक्ष को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी और बताया कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है और जिसमें दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
काउंसलिंग और समझाइश के बाद दोनों परिवार इस बात पर सहमत हुए कि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही उसकी सगाई और विवाह किया जाएगा। इसके बाद प्रस्तावित सगाई को तत्काल रोक दिया गया।
कार्रवाई के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन की काउंसलर पूजा भंडारी, केस वर्कर अखिलेश सिंह, जिला बाल कल्याण समिति की गीता मलासी, पुलिस विभाग से चौकी प्रभारी भोपाल सिंह और कांस्टेबल विनय कोठारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

