मदरसा संचालन की मान्यता न हाेने पर हाेगी कार्रवाई : डॉ. गांधी
हरिद्वार, 28 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी मदरसों का शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मान्यता किसी भी मदरसे का संचालन स्वीकार्य नहीं होगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों और मदरसा संचालकों ने भाग लिया। डॉ. गांधी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सभी मदरसा संचालकों को पंजीकरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए और निर्धारित समय सीमा में पात्र मदरसों का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने मदरसा संचालकों से शासन के मानकों के अनुरूप आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने की अपील की। साथ ही कहा कि जो मदरसे बंद हो चुके हैं, उनमें अध्ययनरत विद्यार्थियों का प्रवेश निकटवर्ती सरकारी विद्यालयों में कराया जाए ताकि उनकी शिक्षा प्रभावित न हो।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अभिषेक शुक्ला ने बताया कि हरिद्वार जनपद में कुल 271 मदरसे संचालित हैं। इनमें से 47 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है, जिनमें 5 को मान्यता मिल चुकी है। 18 आवेदनों पर 29 जुलाई को विचार किया जाएगा, जबकि 24 आवेदनों का स्थलीय निरीक्षण प्रस्तावित है। निरीक्षण में मानक पूरे होने पर ही मान्यता प्रदान की जाएगी।
बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न मदरसों के संचालक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

