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नई फसलों और नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा देगा उत्तराखंड: गणेश जोशी

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नई फसलों और नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा देगा उत्तराखंड: गणेश जोशी


देहरादून, 12 मई (हि.स.)। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने राज्य में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार आधारित कार्यों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों की आय बढ़ाने, नई फसलों को प्रोत्साहित करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को देहरादून स्थित कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मंत्री ने प्रदेश में मोरिंगा की संभावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि मोरिंगा स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी फसल है और इसकी मांग देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह उत्तराखंड के किसानों के लिए आय का बेहतर विकल्प बन सकता है।

बैठक में मौजूद निजी संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी संस्था असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में मोरिंगा उत्पादन एवं प्रसंस्करण पर कार्य कर रही है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बेहतर कार्य करने वाली संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर देहरादून में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मोरिंगा की खेती और प्रसंस्करण शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रयोग सफल रहने पर इसे अन्य जनपदों में भी विस्तारित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु औषधीय और बागवानी फसलों के लिए अनुकूल है। ऐसी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है। साथ ही किसानों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में 11 और 12 जून को सौगंध पौध केंद्र, देहरादून में आयोजित होने वाली दालचीनी की खेती, नर्सरी और पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि यह कार्यशाला उत्तराखंड में दालचीनी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला में श्रीलंका, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों के विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे, जो आधुनिक तकनीकों और सफल मॉडलों की जानकारी साझा करेंगे। इन बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाकर राज्य में दालचीनी उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा 12 और 13 जून को देहरादून में आयोजित होने वाले उत्तराखंड उद्यानिकी शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे आयोजनों से किसानों को नई तकनीक, बाजार, निवेश और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।

बैठक में बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, निदेशक कैप नृपेंद्र चौहान, उद्यानिकी बोर्ड के सीईओ नरेंद्र यादव और निजी संस्था के प्रतिनिधि सौरभ रतूड़ी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय