जमरानी बांध परियोजना में बड़ी सफलता, दूसरी डायवर्जन टनल की खुदाई पूरी
नैनीताल, 25 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित बहुद्देशीय जमरानी बांध परियोजना ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए 8.10 मीटर व्यास वाली दूसरी डायवर्जन टनल की 644 मीटर लंबी खुदाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। परियोजना के इस चरण के पूरा होने से मुख्य बांध निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
परियोजना के अधिकारियों के अनुसार फरवरी 2025 में शुरू हुई टनल-1 की खुदाई चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बावजूद निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सफलतापूर्वक पूरी की गई है। इससे पहले 30 मार्च 2026 को 600 मीटर लंबी डायवर्जन टनल-2 की खुदाई भी पूरी हो चुकी है।
दोनों डायवर्जन टनलों की खुदाई पूरी होने के बाद अब नदी के जल को मोड़ने की प्रक्रिया तथा कंक्रीट लाइनिंग और मुख्य बांध के निर्माण के कार्य में तेजी लाई जा सकेगी। वर्तमान में परियोजना स्थल पर इन कार्यों की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं।
बताया गया है कि टनल-1 की खुदाई पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सिंचाई विभाग एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उप महाप्रबंधक बीबी पांडे एवं ललित बिष्ट, परियोजना प्रबंधक अजय पंत, योगेश कांडपाल, कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक उमेश अग्रवाल तथा जमरानी परियोजना इकाई के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि गौला नदी पर निर्माणाधीन 150.6 मीटर ऊंचे कंक्रीट ग्रेविटी बांध को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना के पूर्ण होने पर उत्तराखंड के नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जनपदों के साथ ही उत्तर प्रदेश के बरेली, रामपुर, मुरादाबाद और पीलीभीत जनपदों को सिंचाई एवं पेयजल के लिये पानी मिलेगा।
परियोजना के माध्यम से हल्द्वानी एवं आसपास के क्षेत्रों को प्रतिदिन 117 मिलियन लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही 57 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा मिलने से क्षेत्र में कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

