महिला कांग्रेस ने चम्पावत प्रकरण पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
देहरादून, 08 मई (हि.स.)। कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने चम्पावत की नाबालिग बालिका से जुड़े कथित दुष्कर्म प्रकरण को लेकर राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ सामने आने वाले अधिकांश चर्चित मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड, हरिद्वार प्रकरण, नैनीताल दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष मुकेश बोरा मामले और चम्पावत के कमल रावत प्रकरण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में भी जांच की वास्तविक प्रगति आज तक सार्वजनिक नहीं की गई।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने चम्पावत मामले को लेकर कई सवाल उठाते हुए पूछा कि पीड़िता और उसके पिता 48 घंटे तक कहां थे,पीड़िता को दो दिन में दो बार मजिस्ट्रेट के सामने क्यों पेश किया गया और यदि कथित साजिश रची गई थी तो क्या पुलिस ने पीड़िता के पिता के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की है।
उन्होंने यह भी पूछा कि बरामदगी के समय पीड़िता के हाथ बंधे होने की बात सही है या नहीं, मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई या नहीं, तथा सोशल मीडिया पर वायरल कथित समझौता पत्र की सत्यता क्या है। रौतेला ने कहा कि यदि मामला पूरी तरह फर्जी था तो पुलिस इतनी जल्दबाजी में निष्कर्ष पर कैसे पहुंच गई। महिला कांग्रेस ने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और पुलिस घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन सार्वजनिक करे, ताकि जनता का भरोसा बना रहे। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामले में 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर प्रकरण को फर्जी करार देना कई सवाल खड़े करता है।
अध्यक्ष ने हाल में जारी एनसीआरबी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अपराध का प्रतिशत बढ़ना राज्य सरकार की विफलता को दर्शाता है।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष चंद्रकला नेगी, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, देहरादून जिला अध्यक्ष पूनम सिंह, सुशीला शर्मा और अनुराधा तिवारी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

