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लेफ्टिनेंट सौरभ रावत का पैतृक गांव दड़माली पहुंचने पर स्वागत

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लेफ्टिनेंट सौरभ रावत का पैतृक गांव दड़माली पहुंचने पर स्वागत


नई टिहरी, 13 सितंबर (हि.स.)। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद पहली बार पैतृक गांव थौलधार ब्लॉक के दड़माली गांव पहुंचने पर सौरभ रावत का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। उनके लेफ्टिनेंट बनने से गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। 5 सितंबर को ही उनका प्रशिक्षण पूरा हुआ।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व पूर्व जिपं सदस्य जयवीर सिंह रावत ने बताया कि नगुण पट्टी के दड़माली गांव निवासी सौरभ के पिता प्यार सिंह रावत स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस चालक हैं। जबकि माता शांति देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ में वार्ड सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। छोटा भाई सचिन रावत हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र है।

सौरभ की प्रारंभिक शिक्षा रेनसा द्रोण पब्लिक स्कूल देहरादून से हुई। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय शंकरपुर देहरादून से 12 तक की पढ़ाई की। पंतनगर विवि से सिविल अभियंत्रण में स्नातक की उपाधि प्राप्त कर सेना की इंजीनियरिंग इकाई में लेफ्टिनेंट बनने से पहले चेन्नई स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में 9 माह और देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में तीन माह का प्रशिक्षण लिया। 5 सितंबर को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह लेफ्टिनेंट बने। लेफ्टिनेंट बनने के बाद गांव पहुंचने पर लोगों ने उनका अभूतपूर्व स्वागत किया।

इस मौके पर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष श्रीपाल पंवार, ग्राम प्रधान सब्बल सिंह रावत, पूर्व प्रधान रीना देवी, सूरत सिंह, नारायणी देवी, तेग सिंह रावत, यशवीर पंवार, विनोद पंवार, दिनेश पंवार, कल्याण रावत, शीशपाल पंवार, अमर राणा आदि मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी