सीएम धामी ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा पर दिया जोर
-बसपा विधायक ने महिला आरक्षण पर उठाए सवाल
देहरादून, 28 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मंगलवार को शिक्षा,महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण बयान सामने आए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में सभी वर्गों के बीच सद्भाव का वातावरण है और सरकार 'सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास और सबका प्रयास' के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए मदरसा बोर्ड के माध्यम से कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के आधार पर समाज को विभाजित नहीं किया जाना चाहिए और सरकार सभी वर्गों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार और एआई जैसे क्षेत्रों का लाभ देने के लिए प्रयास किए गए हैं, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर बोलते हुए कहा कि हमारी सरकार में ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ा है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उम्मीद भी हमारी सरकार से है। उन्होंने कहा भविष्य में भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांग को हम लोग ही पूरा करेंगे।
वहीं,बहुजन समाज पार्टी के विधायक शहजाद ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर पहले विस्तृत चर्चा कर सत्र बुलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश हो रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की तरह परिसीमन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन संस्थाओं पर भरोसा कम हुआ है। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भाजपा सरकार के कार्यकाल में बढ़ा है और आगे भी उनके हित में कार्य किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मदरसों में अच्छी शिक्षा के हम भी पक्षधर है लेकिन यह प्रक्रिया किसी को नुकसान पहुंचाने को लेकर नहीं बल्कि विकास को लेकर आगे आना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

