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फाइनल रिपोर्ट के नाम पर  रिश्वत  लेने का आरोप, दो उपनिरीक्षकों पर मुकदमा

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फाइनल रिपोर्ट के नाम पर  रिश्वत  लेने का आरोप, दो उपनिरीक्षकों पर मुकदमा


हरिद्वार, 19 अक्टूबर (हि.स.)। गंगनहर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत लेने और अतिरिक्त रकम नहीं देने पर आरोपित को गोली मारकर जेल भेजने की धमकी देने के मामले में दो उपनिरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

बागपत जिले के निरपुड़ा निवासी निश्चय राणा की शिकायत पर तत्कालीन विवेचक मनदीप सिंह और उपनिरीक्षक बलवंत पंवार केI खिलाफ कार्रवाई हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग समय पर उससे रिश्वत ली और अतिरिक्त रकम देने के लिए दबाव बनाया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, एसपी देहात की जांच में दोनों उपनिरीक्षकों को दोषी पाया गया था, लेकिन मुकदमा दर्ज होने में करीब 16 महीने लग गए।

शिकायत के मुताबिक, सुषमा सैनी पत्नी बाबूराम सैनी ने पांच जुलाई 2023 को गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें निश्चय राणा के छोटे भाई निवेश राणा को आरोपित बनाया गया था। निश्चय राणा का आरोप है कि मामले के तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक मनदीप सिंह ने फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर उन्हें डराया-धमकाया और 3.50 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद छह अक्टूबर 2024 को मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, बाद में मुकदमे की दोबारा विवेचना शुरू हुई तो उपनिरीक्षक बलवंत पंवार ने भी फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि रकम नहीं देने पर निवेश राणा को गोली मारकर जेल भेजने की धमकी दी गई। भाई की सुरक्षा को लेकर चिंतित निश्चय राणा ने कथित तौर पर एक लाख रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद भी चार लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जाने लगी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि शेष रकम देने में असमर्थता जताने पर विवेचना रोकने और झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई।

निश्चय राणा के अनुसार, उन्होंने एक जुलाई 2025 को तत्कालीन एसएसपी को शिकायत देकर ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। इसके बाद मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि जांच आख्या में दोनों उपनिरीक्षकों को दोषी पाया गया था।

उन्होंने 18 अक्टूबर 2026 को दी गई शिकायत के साथ जांच आख्या की छायाप्रति भी संलग्न की थी। अब दोनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला