श्रम कार्ड के लिए जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण, व्यवस्था पर जताई नाराजगी
गोपेश्वर, 25 अगस्त (हि.स.)। श्रम कार्ड बनवाने के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे ग्रामीणों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। निर्धारित स्थान पर ताला लटका मिलने से नाराज श्रमिकों ने जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच प्रदर्शन किया और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि श्रम कार्ड बनाने के लिए सुबह से सैकड़ों लोगों को लाइन में खड़ा किया जाता है, लेकिन विभाग की ओर से महज 30 से 40 लोगों को टोकन देकर बाकी लोगों को लौटा दिया जाता है। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीणों को कई-कई दिन गोपेश्वर में रुकना पड़ रहा है, इसके बावजूद कार्ड बन पाएगा या नहीं, इसकी कोई निश्चितता नहीं रहती।
नगर पालिका पार्षद सूर्य प्रकाश पुरोहित, दीपक बिष्ट और श्रमिक कृष्णा देवी ने कहा कि देवाल, थराली, गैरसैंण और पोखरी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से श्रमिकों को केवल श्रम कार्ड बनवाने के लिए गोपेश्वर बुलाना अव्यावहारिक है। इससे गरीब श्रमिकों पर आने-जाने के साथ ही होटल में ठहरने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम कार्ड बनवाने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क भी लिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सोमवार को भी श्रमिकों को किट वितरित करने के लिए गोपेश्वर बुलाया गया था, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग किट लेने के लिए भटकते रहे।
ग्रामीणों ने मांग की कि श्रम कार्ड बनाने के लिए ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर नियमित शिविर लगाए जाएं, पर्याप्त संख्या में टोकन जारी किए जाएं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए। साथ ही कार्ड बनाने के लिए निर्धारित दिनों और प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं किया गया तो श्रमिक संगठन और ग्रामीण आंदोलन को और व्यापक करने के लिए मजबूर होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

