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कुंभ मेले में बनेंगे 45 अस्थायी अस्पताल, 18 सौ स्वास्थ्य कर्मियों की होगी तैनाती

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कुंभ मेले में बनेंगे 45 अस्थायी अस्पताल, 18 सौ स्वास्थ्य कर्मियों की होगी तैनाती


हरिद्वार, 19 अक्टूबर (हि.स.)। धर्मनगरी हरिद्वार में जनवरी से शुरू होने जा रहे अर्धकुंभ, जिसे सरकार कुंभ के रूप में आयोजित कर रही है, में श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेला स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

मेले के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर और मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग क्षमता के 45 अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही छह निजी चिकित्सालयों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संबद्ध किया जाएगा।

मेला क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए करीब 1800 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी। मेला स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। भीड़ के दबाव, मौसम में बदलाव और संभावित स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों, स्वास्थ्य बूथों और चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की योजना तैयार की जा रही है।

चार प्रमुख स्थानों पर बनेंगे बड़े अस्थायी अस्पताल

कुंभ मेला अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. मनीष दत्त के अनुसार, कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसके तहत बैरागी कैंप और चंडीपुल के नीचे गौरीशंकर क्षेत्र में 50-50 बेड की क्षमता वाले दो अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।

वहीं, रोड़ी बेलवाला और पंतद्वीप क्षेत्र में 40-40 बेड की क्षमता वाले दो अस्पताल बनाए जाएंगे। इन अस्पतालों के माध्यम से मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

स्वास्थ्य बूथों पर भी मिलेगी सुविधा

बड़े अस्थायी अस्पतालों के अलावा मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य बूथ भी स्थापित किए जाएंगे। इन बूथों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सकेगी और अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।

निजी अस्पताल भी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ेंगे

चिकित्सा व्यवस्था को व्यापक बनाने के लिए छह निजी चिकित्सालयों को भी मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संबद्ध किया जाएगा। इसके साथ ही करीब 1800 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की योजना है। विभाग का प्रयास है कि मेले के दौरान सामान्य दिनों की तरह ही प्रभावी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहें और आपातकालीन परिस्थितियों में भी श्रद्धालुओं को समय पर उपचार मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला