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शिक्षक गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण पर एनसीटीई और कुमाऊँ विश्वविद्यालय की संयुक्त कार्यशाला

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शिक्षक गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण पर एनसीटीई और कुमाऊँ विश्वविद्यालय की संयुक्त कार्यशाला


नैनीताल, 27 फ़रवरी (हि.स.)। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के आईटीईपी विभाग में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के सहयोग से एनपीएसटी और एनएमएम विषयक एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

शिक्षक गुणवत्ता और व्यावसायिक विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ कुलपति प्रो. डीएस रावत, शिक्षा संकायाध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन से किया। शिक्षक प्रशिक्षुओं ने स्वागत गीत, विश्वविद्यालय कुलगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए।

प्रारंभिक सत्र में प्रो. अतुल जोशी ने कहा कि एनपीएसटी और एनएमएम शिक्षकों की पेशेवर प्रगति में सहायक सिद्ध होंगे। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी, केंद्रीय विद्यालय समिति आयुक्त विकास गुप्ता तथा एनसीटीई अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा के संदेश ऑनलाइन प्रसारित किए गए। आधिकारिक सत्र में डॉ.. पारुल ने दोनों उपक्रमों की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी।

प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. ट्विंकल पांडा ने एनपीएसटी की अवधारणा स्पष्ट करते हुए डिजिटल पोर्टल का प्रदर्शन और पंजीकरण का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य शिक्षकों की अपेक्षाओं को परिभाषित कर उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को दिशा देना है। द्वितीय सत्र में डॉ. शुभा मिश्रा और डॉ. ज्ञान रंजन साहू ने एनएमएम की रूपरेखा प्रस्तुत कर पोर्टल पंजीकरण का अभ्यास कराया। समापन चरण में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया।

धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अतुल जोशी ने और संचालन डॉ. पुष्पा अधिकारी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, छात्र और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी