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जन्माष्टमी के बाद 101वीं छठी धूमधाम से मनाई

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जन्माष्टमी के बाद 101वीं छठी धूमधाम से मनाई


हरिद्वार, 11 सितंबर (हि.स.)। श्री कृष्ण जन्मोत्सव मंडल की ओर से भव्य जन्माष्टमी महोत्सव के बाद 101वीं कृष्ण छठी भी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई।

रेलवे रोड स्थित गरीबदासीय आश्रम में विधि-विधान से छठी पूजन किया गया और प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया गया। पूजन के बाद भंडारा प्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

युवा भारत साधु समाज के महामंत्री स्वामी रवि देव शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के छठे दिन छठी उत्सव मनाने की परंपरा है। जैसे परिवार में नवजात बच्चे को स्नान कराकर नए वस्त्र धारण कराए जाते हैं, उसी प्रकार छठी पर श्रीकृष्ण की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराकर पीले वस्त्र पहनाए जाते हैं, श्रृंगार किया जाता है और मक्खन-मिश्री का भोग लगाया जाता है।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने बाल्यकाल से ही अनेक लीलाओं के माध्यम से समाज को प्रेम, सत्य और कर्तव्य का संदेश दिया। गीता के उपदेश आज भी मानव जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। मनुष्य को उनके जीवन से त्याग, परोपकार और धर्म पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।

स्वामी दिनेश दास ने कहा कि आज की पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आयोजनों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। सनातन संस्कृति को बचाए रखने के लिए सभी को आगे आना होगा।

मेयर किरण जैसल ने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं जीवन को सकारात्मकता और प्रेरणा देती हैं। जन्मोत्सव मंडल द्वारा 101वीं छठी तक इस परंपरा को निरंतर निभाना सराहनीय है।

इस अवसर पर सुभाष चंद्र, तरुण आहूजा, पार्षद दीपक शर्मा, हिमांशु गुप्ता, संजीव अग्रवाल, देवेंद्र डूडेजा, लोकनाथ सुवेदी, मुरली मनोहर, मनोज अग्रवाल, कमल पाहवा, राजेंद्र भट्ट, दीपक मिश्रा, नरेश गोयल, जगमोहन कौशल, पराग गुप्ता, कपिल गर्ग, नवीन अग्रवाल सहित कई भक्त मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला