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किपलिंग ट्रैक : मसूरी को मिलेगा शांत वैकल्पिक पर्यटन मार्ग, सुकून भरा हाेगा ट्रैक

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किपलिंग ट्रैक : मसूरी को मिलेगा शांत वैकल्पिक पर्यटन मार्ग, सुकून भरा हाेगा ट्रैक


देहरादून, 09 अप्रैल (हि.स.)। मसूरी को जल्द ही किपलिंग ट्रैक के रूप में एक शांत वैकल्पिक पर्यटन मार्ग मिलने जा रहा है, जिससे पर्यटकों को भीड़-भाड़ से राहत मिलेगी और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच सुकून भरा अनुभव प्राप्त होगा। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से लगभग 498.14 लाख रुपये की लागत से 3.5 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक का विकास किया जा रहा है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने गुरुवार को एक जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया गया है। देहरादून से मसूरी को जोड़ने वाले ऐतिहासिक किपलिंग ट्रैक के पुनरोद्धार की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किपलिंग ट्रैक का पुनरोद्धार राज्य के पर्यटन विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह मार्ग उन पर्यटकों के लिए खास होगा,जो भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति के बीच शांत वातावरण में समय बिताना चाहते हैं।

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह परियोजना पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें वृक्षारोपण, बर्ड हाउस और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूती मिलेगी। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस परियोजना से रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गाइड, होमस्टे संचालकों और छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

शहनशाही आश्रम से झड़ीपानी तक फैला यह ट्रैक प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और पहाड़ी दृश्यों के लिए जाना जाता है। बढ़ते ट्रैफिक और शोर-शराबे के बीच इसे एक वैकल्पिक शांत और प्रकृति-आधारित पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत ट्रैक पर रिटेनिंग वॉल, मजबूत रेलिंग और सुरक्षित पैदल मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही विश्राम स्थल, गज़ीबो, सेल्फी प्वाइंट, कैंटीन कियोस्क, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, कूड़ेदान और आधुनिक लैंप पोस्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय