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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तीन दिन में 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं मिलीं, चार काे हेली एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजा गया

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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तीन दिन में 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं मिलीं, चार काे हेली एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजा गया


देहरादून, 24 अप्रैल (हि.स.)। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर शुरू के तीन दिनाें में ही कुल 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं और अब तक 4 गंभीर यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया। इसके अलावा 13 अन्य यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्थापित चिकित्सा इकाइयों, मेडिकल रिलीफ पोस्ट, बेस कैंप चिकित्सालयों से हेली एवं एम्बुलेंस रेस्क्यू सेवाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा प्रारम्भ से अब तक 3 दिनों में धाम स्थित चिकित्सालयों में कुल 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। शुक्रवार काे 24 अप्रैल को 4993 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया। इसी प्रकार अब तक 2869 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच, स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से आज 1311 जांचें एक ही दिन में की गईं। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान नियमित परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे संभावित जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान हो सके। बताया गया कि यात्रा के दाैरान अस्वस्थ्य महसूस हाेने पर 13 यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से और सात श्रद्धालुओं को डंडी कंडी के माध्यम से सुरक्षित नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।

यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अब तक 11 यात्रियाें काे आगे की यात्रा के लिए अयोग्य बताया गया। जिनमें 2 मामले आज के ही हैं। अब तक चार यात्रियों को हेली सेवा के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर किया गया है। इनमें गुजरात के मेहसाणा निवासी 55 वर्षीय धनजी भाई को सांस लेने में तकलीफ और शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी की स्थिति में केदारनाथ क्षेत्र से बेस कैंप चिकित्सालय लाया गया। जांच में उनका ऑक्सीजन स्तर अत्यंत कम पाया गया, जिसके बाद प्राथमिक उपचार देकर उन्हें जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग के लिए हेली सेवा से रेफर किया गया। दूसरे मामले में नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी 19 वर्षीय मंदार मधुकर को पिछले दो दिनों से सांस लेने में कठिनाई, चक्कर एवं कमजोरी की शिकायत थी। केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के दौरान उनका ऑक्सीजन स्तर कम पाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हेली सेवा से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया। आज भी दाे गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया।

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर आने से पूर्व अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। कुल मिलाकर, केदारनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था और त्वरित रेस्क्यू प्रणाली के चलते श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में प्रशासन निरंतर सक्रिय है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल