जम्मू-कश्मीर में आतंकियाें से मुठभेड़ में बलिदान की खबर से गजेंद्र गढ़िया के गांव में पसरा शोक
बागेश्वर, 19 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियाें के साथ एक मुठभेड़ के दाैरान जिले के कपकोट क्षेत्र के वीथी-गैनाड़ गांव निवासी गजेंद्र गढ़िया के बलिदान होने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव और आसपास के क्षेत्र में शाेक व्याप्त हो गया। मंगलवार को बलिदानी का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
बलिदानी 42 वर्षीय गजेंद्र गढ़िया पुत्र भवान सिंह भारतीय सेना की टू पैरा कमांडो यूनिट में तैनात थे। रविवार काे मुठभेड़ के दौरान उन्हें गाेली लगी थी लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बलिदानी की पत्नी लीला गढ़िया अपने दो बच्चों के साथ देहरादून में रहती हैं। माता-पिता और छोटा भाई गांव में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पत्नी लीला गढ़िया बेहोश हो गईं, उनका उपचार चल रहा है।
बलिदानी गजेंद्र के छोटे भाई किशन गढ़िया ने बताया कि लीला गढ़िया अपने दोनों बच्चों राहुल और धीरज के साथ देहरादून से हेलीकॉप्टर के माध्यम से कपकोट पहुंच गई है। दोनों बच्चे देहरादून के एक निजी विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ते हैं। उन्हाेंने बताया कि पार्थिव शरीर मंगलवार को कपकोट के केदारेश्वर मैदान लाया जाएगा, जहां से गांव ले जाकर स्वजन और ग्रामीण अंतिम दर्शन करेंगे। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। कपकोट क्षेत्र के विधायक सुरेश गढ़िया ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह त्याग देश के लिए अमूल्य है और हमेशा याद रखा जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

