कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार पहुंचे आईजी एसटीएफ, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
हरिद्वार, 03 अगस्त (हि.स.)। कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है। अब तक 76 लाख से अधिक शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके हैं। लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी भी तेज कर दी गई है।
इसी क्रम में सोमवार को उत्तराखंड के आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे और डीआईजी गढ़वाल धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों का दौरा कर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन का जायजा लिया तथा कांवड़ियों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं पर उनका फीडबैक भी लिया।
निरीक्षण के दौरान आईजी एसटीएफ ने एसएसपी हरिद्वार सहित पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ पटरी और बैरागी कैंप क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिस बल की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस वर्ष लागू किए गए नए ट्रैफिक प्लान का लगातार परीक्षण किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर इसकी प्रभावशीलता का आकलन किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर परिस्थितियों के अनुसार बदलाव भी किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ी सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
निरीक्षण के दौरान आईजी एसटीएफ ने कई कांवड़ियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं पर उनकी राय भी जानी। श्रद्धालुओं ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। हालांकि, प्राप्त सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस प्रशासन के अनुसार अब तक कांवड़ियों की संख्या 76 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। अनुमान है कि 4 अगस्त को पंचक समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और तेजी आएगी। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
वहीं, डाक कांवड़ को लेकर भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सभी पार्किंग स्थलों पर वाहनों की समुचित व्यवस्था की गई है। डाक कांवड़ शुरू होने के बाद कांवड़ पटरी पर भीड़ का दबाव कम होगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बढ़ने से पुलिस के सामने नई चुनौतियां होंगी, जिनसे निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

