home page

अग्नि-5 थीम की कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

 | 
अग्नि-5 थीम की कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र


-एनएसए अजीत डोभाल के फैन शिवभक्तों ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

हरिद्वार, 31 जुलाई (हि.स.)। कांवड़ मेले में इस बार शिवभक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के बीच बहादराबाद टोल प्लाजा के पास अग्नि-5 मिसाइल और भारत की सामरिक शक्ति की थीम पर तैयार की गई अनोखी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। राहगीर और श्रद्धालु इस विशेष कांवड़ के साथ फोटो और वीडियो बनाते नजर आए।

दिल्ली निवासी दीपांशु भोला, राजवीर और हर्ष ने मिलकर इस विशेष कांवड़ को तैयार किया है। तिरंगे के रंगों से सजी इस कांवड़ में अग्नि-5 मिसाइल की प्रतिकृति के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य, देश की रक्षा क्षमता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देने का प्रयास किया गया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकला यह दल 11 अगस्त को दिल्ली पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेगा।

दीपांशु भोला ने बताया कि उनकी यह कांवड़ देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय जवानों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की वीरता से प्रेरित होकर उन्होंने यह थीम चुनी है। उन्होंने यह भी बताया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बड़े प्रशंसक हैं। वर्ष 2025 में भी उन्होंने इसी तरह की विशेष थीम वाली कांवड़ बनाई थी, जबकि इस बार अग्नि-5 मिसाइल और भारत की परमाणु शक्ति के प्रतीकात्मक स्वरूप को शामिल किया गया है।

राजवीर ने बताया कि उनका उद्देश्य शिवभक्ति के साथ युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष वे अलग-अलग विषयों पर कांवड़ तैयार करते हैं। पिछले वर्ष उनकी ब्रह्मोस मिसाइल थीम वाली कांवड़ को श्रद्धालुओं ने खूब सराहा था। इस बार भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति को दर्शाने के लिए अग्नि-5 थीम को चुना गया है।

कांवड़ यात्रा के दौरान हर वर्ष अलग-अलग थीम की कांवड़ श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करती हैं। इस बार अग्नि-5 थीम वाली कांवड़ श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के अनोखे संगम का प्रतीक बनकर सामने आई। यात्रा मार्ग पर जहां-जहां यह कांवड़ पहुंची, वहां लोगों ने रुककर इसे देखा और भारतीय सेना तथा देश की रक्षा शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला