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कांवड़ मेले के दूसरे दिन भी शिवभक्तों का आगमन जारी

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कांवड़ मेले के दूसरे दिन भी शिवभक्तों का आगमन जारी


हरिद्वार, 31 जुलाई (हि.स.)। धर्मनगरी हरिद्वार में श्रावण कांवड़ मेले का आज दूसरा दिन है। देश के विभिन्न राज्यों से शिवभक्तों का हरिद्वार पहुंचना लगातार जारी है और श्रद्धालु हर की पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों से गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। हालांकि शनिवार से पंचक प्रारंभ होने के कारण अगले दो-तीन दिनों तक कांवड़ियों की संख्या में अपेक्षाकृत ठहराव रहने की संभावना जताई जा रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान लकड़ी और बांस से जुड़े कार्यों को शुभ नहीं माना जाता। चूंकि पारंपरिक कांवड़ मुख्य रूप से बांस और लकड़ी से तैयार की जाती है, इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंचक के दौरान नई कांवड़ बनाने या उसे उठाकर यात्रा शुरू करने से परहेज करते हैं। यही कारण है कि हर वर्ष पंचक के दिनों में कांवड़ यात्रियों के आगमन की गति कुछ धीमी पड़ जाती है। हालांकि समय के साथ कांवड़ के स्वरूप में बदलाव भी आया है। अब बाजार में स्टील और अन्य धातुओं से बनी कांवड़ भी उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग कई श्रद्धालु कर रहे हैं। इसके बावजूद अधिकांश शिवभक्त धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं का पालन करते हुए पंचक समाप्त होने के बाद ही यात्रा प्रारंभ करना अधिक उचित मानते हैं।

प्रशासन और मेला प्रबंधन का भी अनुमान है कि 3 अगस्त को पंचक समाप्त होने के बाद कांवड़ियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी। इसके बाद हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। वहीं 8 अगस्त से कांवड़ मेले का चरम चरण शुरू होने का अनुमान है, जब लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान करेंगे। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और मेला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख स्नान घाटों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेले की लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या मेला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ हरिद्वार में धार्मिक आस्था का यह विशाल आयोजन अपने चरम की ओर बढ़ता दिखाई देगा।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला