221 फीट तिरंगे के साथ निकले भोले के भक्त, हरिद्वार से बागपत तक पैदल यात्रा पर 26 कांवड़िये
हरिद्वार, 03 अगस्त (हि.स.)। कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त इस बार आस्था के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति का भी संदेश दे रहे हैं। भगवान शिव की भक्ति में लीन 26 कांवड़ियों का एक दल 221 फीट लंबे और करीब 11 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) के साथ हरिद्वार से उत्तर प्रदेश के बागपत तक पैदल यात्रा कर रहा है। उनकी यह अनूठी तिरंगा कांवड़ हरिद्वार में श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
बागपत से आए इस दल ने हरिद्वार से गंगाजल भरकर अपनी यात्रा शुरू की। कांवड़िये 11 अगस्त को अपने क्षेत्र के शिवालय पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे। यात्रा के दौरान पूरी टीम भजन-कीर्तन करते हुए और राष्ट्रभक्ति के गीतों के साथ आगे बढ़ रही है।
दल के सदस्य हरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल भगवान शिव का जलाभिषेक करना नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान तिरंगे के सम्मान का संदेश देना भी है। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने के लिए इस विशेष तिरंगा कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया है।
वहीं, कांवड़िये ईश्वर तोमर ने कहा कि तिरंगा भारत की पहचान और गौरव का प्रतीक है। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे और देश के प्रति अपने दायित्व को समझे। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली तिरंगा कांवड़ यात्रा है। इससे पहले वे सामान्य कांवड़ लेकर जलाभिषेक कर चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने राष्ट्रभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।
पूरी यात्रा के दौरान 26 सदस्यीय दल पैदल चलते हुए लोगों को देशभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है। शिवभक्ति और राष्ट्रप्रेम का यह अनूठा संगम हरिद्वार में चर्चा का विषय बना हुआ है और श्रद्धालु इस पहल की सराहना कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

