कांवड़ मेला : सुरक्षा के लिए 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और 13 कंपनी अर्द्धसैनिक बल तैनात
हरिद्वार, 25 जुलाई (हि.स.)। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को पुलिस लाइन रोशनाबाद में उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने की। इसमें आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे, आईजी संचार विम्मी सचदेवा, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा एसएसपी नवनीत सिंह सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ 13 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, पीएसी, आईआरबी, होमगार्ड और पीआरडी के जवानों को तैनात किया जाएगा। पूरे मेला क्षेत्र को प्रशासनिक दृष्टि से 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है।
सुपर जोन की जिम्मेदारी एएसपी स्तर के अधिकारियों, जोन की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी और निरीक्षकों तथा सेक्टर की जिम्मेदारी थाना प्रभारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग के लिए 800 विशेष पुलिस अधिकारी भी लगाए जाएंगे।
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए 10 ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी नेटवर्क, 9 बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड टीम, जल पुलिस, एसडीआरएफ और क्यूआरटी को सक्रिय रखा जाएगा। एसपी सिटी को कांवड़ मेले का नोडल अधिकारी बनाया गया है जबकि ग्रामीण क्षेत्र की जिम्मेदारी एसपी देहात देखेंगे। यातायात व्यवस्था और डायवर्जन प्लान की कमान एसपी क्राइम एवं ट्रैफिक निशा यादव को दी गई है।
एडीजी वी. मुरुगेशन ने अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिए कि वे कांवड़ मेले को चुनौती के रूप में लें और पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करें। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर तुरंत नियंत्रण किया जाए और किसी भी घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। भीड़ प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने और श्रद्धालुओं से शालीन व्यवहार रखने पर भी जोर दिया गया।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले तत्वों, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और डीजे पर भड़काऊ गीतों पर विशेष नजर रखी जाए। स्थानीय लोगों से समन्वय बनाकर शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए। बारिश के मौसम को देखते हुए जवान आवश्यक सुरक्षा सामग्री साथ रखें।
आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे ने सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगाने और सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हरकी पैड़ी सहित संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने को कहा।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि कांवड़ मेला आस्था का पर्व है इसलिए पुलिस और प्रशासन अपने कर्तव्य के साथ संयम और शालीनता का परिचय दें। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपदा संबंधी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसएसपी नवनीत सिंह ने मानसून को देखते हुए सभी पुलिसकर्मियों को टॉर्च, रेनकोट, डंडा, ओआरएस और आवश्यक दवाइयां साथ रखने की सलाह दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रात्रि के समय कोई भी कांवड़िया सड़क पर न सोए इसकी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होगी।
पुलिस मुख्यालय ने मेले के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को प्रतिदिन सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस कर्मियों के लिए भोजन, पेयजल, रेनकोट, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था के लिए अलग वेलफेयर टीम भी तैनात की गई है। सहायता केंद्रों पर 24 घंटे पुलिस, फायर और मेडिकल टीम उपलब्ध रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

