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जसपाल के निधन से शोक में डूबा पैतृक गांव चिलामू

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जसपाल के निधन से शोक में डूबा पैतृक गांव चिलामू


- दोस्त और परिजन बोले, जसपाल के व्यवहार से कभी नहीं लगा कि वे इतने बड़े खिलाड़ी हैं

नैनबाग, 12 जून (हि.स.)। उत्तराखंड के जनपद टिहरी गढ़वाल के जौनपुर ब्लाक के चिलामू गांव के रहने वाले दिग्गज अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और निशानेबाजी के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कोच जसपाल राणा के निधन से उनके पैतृक गांव में मातम पसरा है। उनके निधन की खबर से चिलामू गांव शोक में डूबा है। हाल ही में म्यूनिख विश्व कप से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और दिल्ली के एक निजी अस्तपाल में निधन हो गया।

जसपाल राणा जनपद टिहरी के चिलामू गांव एक प्रतिष्ठि परिवार से रहे हैं। इनके पिता नारायण सिंह राणा उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में खेल मंत्री रहे। पूर्व उनके परिवार में भाई सुभाष राणा, बहन सुषमा राणा हैं। सुषमा राणा केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बहू हैं। भाई सुभाष राणा भी अंतरराष्ट्रीय कोच हैं। जसपाल राणा अपने पीछे पत्नी रीना सहित पुत्र युवराज राणा और पुत्री देवांशी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के बुजुर्ग जबर सिंह राणा बताते हैं कि जसपाल राणा अपनी पीढ़ी के सबसे बड़े पुत्र थे। उन्होंने कहा कि जब भी जसपाल अपने पैतृक गांव आते थे तो बिल्कुल साधारण व्यक्ति की तरह व्यवहार करते थे। उन्हें परिवार और गांव के लोगों के साथ बैठकर भोजन करना पसंद था। गांव में रहते समय कभी यह महसूस नहीं होता था कि वे विश्व स्तर पर पहचान रखने वाले इतने बड़े खिलाड़ी हैं।

परिवार की महिला रोशनी देवी ने बताया कि जसपाल राणा को गांव का पारंपरिक भोजन बेहद पसंद था। विशेष रूप से मंडुवे और मक्के की रोटी वे बड़े चाव से खाते थे। गांव आने पर वे पूरी तरह ग्रामीण परिवेश में घुलमिल जाते थे और सादगी से समय बिताते थे। गांव की प्रधान व उनकी नातिन मनीषा व परिवार का कहना है की जसपाल केवल हमारे परिवार के सदस्य नहीं थे, बल्कि पूरे परिवार की प्रेरणा और गर्व थे। उन्होंने अपने जीवन में जो सम्मान और उपलब्धियां हासिल कीं, उससे पूरे देश दुनिया और उत्तराखंड का नाम रोशन हुआ। इतनी बड़ी पहचान मिलने के बावजूद उन्होंने हमेशा सादगी, संस्कार और अपने गांव से जुड़ाव बनाए रखा। उनका जाना हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और हमें इस दुख को सहन करने की शक्ति दें। जसपाल राणा के निधन से भारतीय शूटिंग ने अपना सबसे बड़ा स्तंभ खो दिया है। उनके शिष्यों और खेल प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय