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केंद्र और उत्तराखंड सरकार के बीच एमओयू, 14 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा लाभ

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केंद्र और उत्तराखंड सरकार के बीच एमओयू, 14 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा लाभ


देहरादून, 29 अप्रैल (हि.स.)। जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे राज्य में पेयजल योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम में वर्चुअली प्रतिभाग करते हुए इसे राज्य के लिए अहम कदम बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता राज्य में जल जीवन मिशन के कार्यों को नई गति देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय और सीमावर्ती राज्य उत्तराखंड में यह मिशन केवल एक योजना नहीं, बल्कि लगभग 14 लाख ग्रामीण परिवारों के जीवन, स्वास्थ्य और सुविधा से जुड़ा अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य में मिशन के अंतर्गत करीब 16,500 योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें अधिकांश पूर्ण हो चुकी हैं और शेष पर कार्य तेजी से जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, दूरस्थ गांवों, भूस्खलन और आपदा संवेदनशीलता के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण और जल स्रोत संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर और जनभागीदारी कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक जल स्रोतों नौले, धारे और वर्षा आधारित नदियों के संरक्षण के लिए ‘स्प्रिंग एंड रिवर रेजुविनेशन अथॉरिटी’ का गठन किया गया है। पिछले एक वर्ष में 6,500 से अधिक जल स्रोतों का संरक्षण और उपचार किया गया है तथा लगभग साढ़े तीन मिलियन घन मीटर वर्षा जल संचयन किया गया है। जल शक्ति अभियान के तहत 1,000 गांवों में तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का कार्य भी जारी है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जल स्रोतों और नदियों के पुनर्जीवन और जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना,सचिव जल शक्ति मंत्रालय अशोक कुमार मीणा,अपर सचिव कमल किशोर सोन,संयुक्त सचिव स्वाति मीणा,रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे,जबकि सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान और प्रबंध निदेशक जल जीवन मिशन रोहित मीणा वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय