home page

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत 1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग : सचिव उद्योग

 | 
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत 1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग : सचिव उद्योग


देहरादून, 18 अक्टूबर (हि.स.)। सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के तहत निवेश को लेकर सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में अब तक एक लाख एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है और इससे संबंधित आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

विनय शंकर पांडे ने कहा कि दिसंबर 2023 में आयोजित समिट के दौरान करीब 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि करीब 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी है और जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी।

सचिव उद्योग के अनुसार, निवेश से संबंधित परियोजनाओं, उनके स्थान और संबंधित विभागों का विवरण उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है और भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्य रूप से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में हैं। राज्य की औद्योगिक नीतियां पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं।

छोटे कारोबारियों के निवेश पर सवाल उठाए जाने पर सचिव ने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल दुकान और अन्य छोटे व्यवसाय भी अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्थानीय व्यक्ति 10 हजार रुपये का निवेश कर व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है, तो उसके योगदान को भी महत्व दिया जाना चाहिए। निवेश का आकलन केवल राशि के आधार पर नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार और आजीविका के अवसरों के आधार पर भी होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशों और देश के प्रमुख महानगरों में रोड शो आयोजित किए गए थे। इसके अलावा, गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित सभी जिलों में निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और कारोबारियों को भी आमंत्रित किया गया था।

उन्होंने बताया कि मीडिया और संबंधित लोगों से परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने और उद्यमियों से बातचीत कर निवेश की प्रगति का आकलन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, उद्यमियों को सहयोग और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकताएं हैं।

----

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय