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सीमांत गांव मिलम से लेकर एसडीआरएफ की पोस्टों पर हुए योग कार्यक्रम

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सीमांत गांव मिलम से लेकर एसडीआरएफ की पोस्टों पर हुए योग कार्यक्रम


सीमांत गांव मिलम से लेकर एसडीआरएफ की पोस्टों पर हुए योग कार्यक्रम


देहरादून/पिथौरागढ़, 21 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मिलम गांव से लेकर पूरे राज्य की एसडीआरएफ की विभिन्न पोस्टों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों के जवानों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के मिलम गांव स्थित आईटीबीपी की 14वीं वाहिनी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जवानों और स्थानीय लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर आईटीबीपी के कमांडेंट राम भरत सिंह कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि हिमालय की ऊंची चोटियों, मिलम ग्लेशियर और गोरी गंगा घाटी के प्राकृतिक परिवेश में योग करना उनके जीवन का यादगार अनुभव रहा। उन्होंने योग को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

उधर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय में अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

एसडीआरएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार योग को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए कहा गया कि आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने वाले कार्मिकों के लिए योग शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, एकाग्रता और कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।

वाहिनी मुख्यालय के अलावा राज्यभर में स्थापित एसडीआरएफ की सभी पोस्टों पर भी योग दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। कार्यक्रमों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के साथ-साथ आमजन को योग के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय