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नेपाल-भारत सीमा पर स्थापित स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक : मुख्यमंत्री

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नेपाल-भारत सीमा पर स्थापित स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक : मुख्यमंत्री


- सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण, मुख्यमंत्री ने वीर नारियों, वीर माता और वीरता पदक विजेता को किया सम्मानित

बनबसा, 01 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल-भारत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनबसा में मंगलवार को सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नेपाल-भारत सीमा पर स्थापित स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक बनेगा।

एसएसबी जवानों के बिगुल वादन के बीच मुख्यमंत्री समेत उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर बलिदानियों को नमन किया। इसके बाद सीमांत क्षेत्र में स्थापित विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया।

मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण गौरव और सम्मान का क्षण है। यह स्मारक देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के साहस, त्याग और बलिदान की स्मृतियों को सदैव जीवंत रखेगा। उन्होंने कहा कि यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों और युवाओं को देश सेवा, त्याग और समर्पण के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों को देश के अंतिम क्षेत्र के बजाय ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण तथा वीर शहीदों की स्मृतियों को सम्मान देने को सरकार प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं स्वयं एक सैनिक का पुत्र हूं। इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस पावन कार्य में सहभागी बनना मेरे लिए अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है।” उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है और प्रदेश के बड़ी संख्या में परिवारों का सेना अथवा अर्धसैनिक बलों से जुड़ाव रहा है।

वीर नारियों और वीरता पदक विजेता सम्मानित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और वीरता पदक विजेता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में सरस्वती देवी, पत्नी स्व. सिपाही उत्तम चन्द; लक्ष्मी देवी, पत्नी स्व. हवलदार किशन सिंह; कमला देवी, पत्नी स्व. गार्डसमैन दुर्गादत्त; खीमा देवी, पत्नी स्व. नायक हयात सिंह; माया चन्द, पत्नी स्व. सिपाही ललित मोहन; सरस्वती देवी, पत्नी स्व. ला. ना. जय बहादुर चन्द; ललिता चन्द, पत्नी स्व. सिपाही प्रेम चन्द; गीता देवी, पत्नी स्व. नायक जगदीश सिंह तथा पिंकी रैसवाल, पत्नी स्व. सिपाही राहुल रैसवाल शामिल रहीं।

इसके अलावा वीर माता लक्ष्मी देवी, माता स्व. नायक खीम सिंह तथा वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और भूतपूर्व सैनिकों से संवाद किया और एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वोपरि है और सैनिकों, वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम समेत अन्य अधिकारी, सेवानिवृत्त सैनिक, वीर माताएं और वीर नारियां मौजूद रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय