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रेस्क्यू बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहा इंटेंसिव केयर सेंटर

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रेस्क्यू बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहा इंटेंसिव केयर सेंटर


रेस्क्यू बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहा इंटेंसिव केयर सेंटर


-भिक्षावृत्ति निवारण अभियान के तहत 154 बच्चे शिक्षा से जुड़े

देहरादून, 18 जनवरी (हि.स.)। देहरादून जिला प्रशासन की ओर से संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर (आईसीसी) भिक्षावृत्ति, बालश्रम और कूड़ा बीनने से रेस्क्यू किए गए बच्चों के पुनर्वास का प्रभावी केंद्र बनता जा रहा है। यहां बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए 154 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत साधुराम इंटर कॉलेज में स्थापित इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा,खेलकूद,संगीत,योग एवं काउंसलिंग की सुविधाएं देने के साथ ही अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है।

इसी क्रम मेंआईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी के 12 छात्र-छात्राओं ने सहायक प्रोफेसर डॉ.सुरेन्द्र यादव के नेतृत्व में रविवार को इंटेंसिव केयर सेंटर का भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने बच्चों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। अतिथियों के स्वागत में आईसीसी के बच्चों ने स्वयं निर्मित स्वागत कार्ड एवं सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी।

भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए 27 बच्चों को इंटेंसिव केयर सेंटर से विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया। अब तक कुल 267 बच्चों का रेस्क्यू किया जा चुका है,जिनमें से 154 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।

दिसंबर 2024 से संचालित इस अभियान के तहत साधुराम इंटर कॉलेज में स्थापित इंटेंसिव केयर सेंटर में 83 भिक्षावृत्ति,117 कूड़ा बीनने और 67 बालश्रम से जुड़े बच्चों को रखा गया। जिला प्रशासन ने बच्चों के लिए पढ़ाई की समुचित व्यवस्था के साथ कंप्यूटर शिक्षा, खेल, व्यायाम, मनोरंजन, काउंसलिंग एवं आवागमन के लिए विशेष कैब सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

जिलाधिकारी की ओर से कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। मानसिक रूप से सशक्त किए जाने के बाद बच्चों का चरणबद्ध तरीके से विभिन्न सरकारी विद्यालयों में दाखिला कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के भविष्य को संवारने का सबसे प्रभावी माध्यम है और भिक्षावृत्ति निवारण अभियान पूर्ण सेचुरेशन तक लगातार जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय