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श्रीमद्भागवत कथा एवं महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

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पौड़ी गढ़वाल, 14 जून (हि.स.)। प्रसिद्ध सिद्धपीठ डांडा नागराजा मंदिर में आयोजित अष्टादश महापुराण श्रीमद्भागवत कथा व महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के छठवें दिन कथा वाचक मुनि अभय चैतन्यानंद महाराज ने नैतिकता, सदाचार और सत्याचरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यही मूल्य व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उत्थान का आधार हैं।

उन्होंने कहा कि नैतिकता और सदाचार मनुष्य के व्यक्तित्व की पहचान होते हैं। वेदों, उपनिषदों और धर्मग्रंथों में सदाचार को सुख और मानवता का आभूषण बताया गया है। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों के बिना आत्मोन्नति संभव नहीं है और समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा भी अच्छे आचरण से ही प्राप्त होती है। उन्होंने भावी पीढ़ी को नैतिक रूप से सशक्त बनाने पर बल देते हुए कहा कि बच्चों को प्रारंभ से ही नैतिक शिक्षा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

डांडा नागराजा धर्मक्षेत्र विकास समिति के संस्थापक सुभाष चंद्र देशवाल ने बताया कि सोमवार को कथा के समापन अवसर पर पूर्णाहुति सहित भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर ज्येष्ठ प्रमुख कोट एवं मंदिर समिति के उपाध्यक्ष उपेंद्र भट्ट, अध्यक्ष कमलेश चमोली, सचिव राजेंद्र प्रसाद बिजल्वाण, संयोजक बीरेंद्र प्रसाद भट्ट, मुख्य पुजारी किशोर देशवाल, विनोद देशवाल, आनंद नागोई आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह