home page

बागेश्वर से शुरू होगी पवित्र छड़ी यात्रा, साधु-संतों ने मुख्यमंत्री को दिया न्योता

 | 
बागेश्वर से शुरू होगी पवित्र छड़ी यात्रा, साधु-संतों ने मुख्यमंत्री को दिया न्योता


देहरादून, 25 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज के नेतृत्व में साधु-संतों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बागेश्वर से प्रारंभ होने वाली पवित्र छड़ी यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान यात्रा के धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को लेकर भी चर्चा हुई।

संतों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि पवित्र छड़ी यात्रा उत्तराखंड की प्राचीन सनातन परंपराओं और धार्मिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है। यात्रा के दौरान पवित्र छड़ी को प्रदेश के विभिन्न पौराणिक तीर्थस्थलों, मंदिरों और सिद्ध पीठों तक ले जाया जाता है। इससे उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ-साथ स्थानीय धार्मिक परंपराओं को भी व्यापक पहचान मिलती है।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, पवित्र छड़ी यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि साधु-संत समाज और श्रद्धालुओं को एक सूत्र में जोड़ने वाली महत्वपूर्ण आध्यात्मिक यात्रा भी है। यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

संतों ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में देश-दुनिया में विशेष पहचान प्राप्त है। यहां बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री सहित अनेक पौराणिक तीर्थ और सिद्ध पीठ श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में पवित्र छड़ी यात्रा इन धार्मिक स्थलों को एक आध्यात्मिक यात्रा के सूत्र में जोड़ने का कार्य करती है।

यात्रा के धार्मिक महत्व के साथ ही इसके पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होने पर चर्चा हुई। माना जाता है कि यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं और संत समाज की मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। इससे तीर्थ क्षेत्रों में स्थानीय व्यापार और अन्य गतिविधियों को भी गति मिलती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत समाज का स्वागत करते हुए पवित्र छड़ी यात्रा के सफल एवं निर्विघ्न आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं से है। सरकार प्रदेश की धार्मिक विरासत, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का अपना विशेष महत्व है। ऐसे आयोजनों से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होने के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

----------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय