हिमालय दिवस पर गुरुकुल कांगड़ी में गूंजा संरक्षण का संदेश
हरिद्वार, 09 सितंबर (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में हिमालय दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रोफेसर नमिता जोशी ने विद्यार्थियों से हिमालय की वर्तमान स्थिति और उसके सामने खड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, अनियोजित विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को हिमालयी क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया।
उन्होंने कहा कि हिमालय महज पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि देश की जल सुरक्षा, जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में इसके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। प्रोफेसर संगीता मदान ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को हिमालय एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने प्राकृतिक एवं पारिस्थितिकी संपदा की रक्षा, पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने तथा अन्य लोगों को भी हिमालय संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने हिमालय संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए। वहीं भाषण और कविता प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने हिमालय के प्रति अपनी संवेदनाओं और विचारों को अभिव्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

