पहाड़ की बेटी भागीरथी ने हैदराबाद मैराथन में जीता रजत
गोपेश्वर, 30 अगस्त (हि.स.)। चमोली जिले के सीमांत वाण गांव की 24 वर्षीय धाविका भागीरथी बिष्ट ने हैदराबाद में आयोजित मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 42 किलोमीटर की दौड़ 2 घंटे 51 मिनट में पूरी कर दूसरा स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी ने भागीरथी को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
दुर्गम पहाड़ी गांव से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली भागीरथी की उपलब्धि से देवाल और चमोली में खुशी का माहौल है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
भागीरथी के कोच एवं अंतरराष्ट्रीय मैराथन एथलीट सुनील शर्मा ने बताया कि भागीरथी लगातार कड़ी मेहनत के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं। इससे पहले वह ईरान में आयोजित 42 किलोमीटर मैराथन में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कई मैराथन प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।
कोच सुनील शर्मा ने बताया कि भागीरथी का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने तक सीमित नहीं है। वह ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर मैराथन में स्वर्ण पदक जीतने का सपना देख रही हैं। उन्होंने कहा कि भागीरथी में प्रतिभा के साथ कठिन परिस्थितियों में लगातार मेहनत करने का जज्बा है।
भागीरथी की सफलता पहाड़ की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद खेलों में अपना भविष्य तलाश रही हैं। वाण गांव की पगडंडियों से शुरू हुआ उनका दौड़ का सफर अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। हैदराबाद का रजत पदक उनके बढ़ते कदमों की एक और बड़ी उपलब्धि है।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

