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नियमों की अनदेखी : निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती

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नियमों की अनदेखी : निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती


हरिद्वार, 25 अगस्त (हि.स.)। भगवानपुर क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉ. आरके सिंह के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भगवानपुर के चिकित्सा अधीक्षक ने विभिन्न निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पतालों में पंजीकरण, मरीजों के उपचार संबंधी अभिलेख, फायर, मेडिकल स्टोर के दस्तावेज और साफ-सफाई से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के तहत एक अस्पताल को मेडिकल स्टोर समेत सील कर दिया गया, जबकि तीन अन्य अस्पतालों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सिटी हेल्थ केयर, खुशी हेल्थ केयर का 21 अगस्त को पुनः निरीक्षण किया गया। मौके पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। अस्पताल प्रबंधन पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का सामान बाहर रखा मिला और संचालन नियमों के विपरीत पाया गया। इसके बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल और उसके मेडिकल स्टोर को मौके पर ही सील कर दिया।

इसके बाद गागलहेड़ी रोड स्थित निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। अपोलो हेल्थ केयर एवं जच्चा-बच्चा केंद्र में तीन मरीज भर्ती मिले, लेकिन उनके उपचार से संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। अस्पताल और मेडिकल स्टोर के पंजीकरण, स्टाफ के दस्तावेज तथा अग्निशमन विभाग की एनओसी भी उपलब्ध नहीं मिली। डॉक्टर के स्थान पर केवल कु. सालेहा सदफ की बीयूएमएस डिग्री प्रस्तुत की गई। अस्पताल में साफ-सफाई और हाइजीन व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए एक दिन का समय दिया है।

फैमिली अस्पताल के निरीक्षण में दो मरीज भर्ती मिले, लेकिन उनके उपचार से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। अस्पताल, मेडिकल स्टोर और फायर एनओसी से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। अस्पताल प्रबंधन की ओर से केवल मो. शादाब की बीयूएमएस डिग्री दिखाई गई। साफ-सफाई की स्थिति खराब मिलने पर प्रबंधन को एक दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सीएमओ हरिद्वार को भेजी गई है।

वहीं, मेडिकेयर अस्पताल में दो ओपीडी, एक आईसीयू और एक एनआईसीयू संचालित मिले। मौके पर दो मरीज और एक नवजात शिशु भर्ती था। हालांकि, भर्ती मरीजों के उपचार तथा मेडिकल स्टोर से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। मेडिकल स्टोर में पिपिरासीलीन व टेजोबैक्टम जैसी दवाएं भी रखी मिलीं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से केवल प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी खराब पाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने एक दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा अधीक्षक ने सभी अस्पतालों में सामने आई अनियमितताओं की विस्तृत जांच आख्या मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार को भेज दी है। रिपोर्ट में संबंधित अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद भगवानपुर क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर निजी अस्पताल संचालित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि निर्धारित मानकों और आवश्यक दस्तावेजों के बिना अस्पतालों का संचालन पाए जाने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला