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हरिपुर कालसी में 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, मुख्यमंत्री धामी ने यमुना प्रतिमा का किया अनावरण

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हरिपुर कालसी में 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, मुख्यमंत्री धामी ने यमुना प्रतिमा का किया अनावरण


हरिपुर कालसी में 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, मुख्यमंत्री धामी ने यमुना प्रतिमा का किया अनावरण


देहरादून, 17 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिपुर कालसी पहुंचकर मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और मां जमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर यमुना तट पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में 2100 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। मुख्यमंत्री ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ यमुना आरती में भाग लेकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।

यमुना तट पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कालसी की धरती इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और मां जमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुना तट पर दीप प्रज्ज्वलित किया। उनके साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी दीप जलाए। एक साथ 2100 दीपों के प्रज्ज्वलित होने से यमुना तट रोशनी से जगमगा उठा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ यमुना आरती में प्रतिभाग किया। पूरे आयोजन के दौरान यमुना तट पर आध्यात्मिक एवं धार्मिक वातावरण बना रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के साथ उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर भी काम कर रही है। जौनसार-बावर क्षेत्र की विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की महत्वपूर्ण विरासत हैं। विकास योजनाओं में इनकी पहचान और विरासत के संरक्षण का भी ध्यान रखा जा रहा है।

हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ की स्वीकृति:

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लाखामंडल सहित जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

पर्यटन से स्थानीय आर्थिकी को मिलेगा आधार

धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तीर्थ और पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि इन योजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। चारधाम के साथ प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में कालसी, हनोल, लाखामंडल और जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आस्था और आध्यात्मिक विरासत आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जुड़कर स्थानीय रोजगार और विकास का आधार बन सकती है। सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का संरक्षण भी सुनिश्चित हो।

कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय