हैकाथॉन शुरू, 23 राज्यों के छात्र समाधान खोजने में जुटे
देहरादून, 2 अप्रैल (हि.स.)। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में सामाजिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के उद्देश्य से 72 घंटे की हैकाथॉन ‘ग्राफ-ए-थॉन 3.0’ का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में देश के 23 राज्यों से आई 100 टीमें भाग ले रही हैं।
इस हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी छात्र-छात्राएं स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, एग्रीटेक और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान खोजेंगे। सभी टीमें 72 घंटे तक लगातार परिसर में रहकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और प्रोटोटाइप निर्माण पर कार्य करेंगी। प्रतियोगिता में विभिन्न संस्थानों की टीमें अलग-अलग विषयों पर काम कर रही हैं। आयोजक संस्थान की टीम एआई आधारित लैब असिस्टेंट विकसित कर रही है, जबकि ठाकुर कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मुंबई की टीम मानसिक स्वास्थ्य की शुरुआती पहचान के लिए एआई सिस्टम पर काम कर रही है। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की टीम राजस्थान के जल संकट के समाधान हेतु स्मार्ट सिंचाई प्रणाली विकसित कर रही है। वहीं वेल्लोर प्रौद्योगिकी संस्थान की टीम ऑटोमेटेड डिफेंस ड्रोन सिस्टम तैयार कर रही है। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की टीम आपदा के दौरान मलबे में फंसे लोगों की खोज के समाधान पर कार्यरत है।
हैकाथॉन का उद्घाटन उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ.दुर्गेश पंत,कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह,कुलपति डॉ.अमित आर.भट्ट,प्रो-वीसी डॉ. संतोष एस. सर्राफ और कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (टीबीआई) और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस अवसर पर टीबीआई की सीईओ शरिश्मा डांगी,इनक्यूबेटर मैनेजर हर्षवर्धन सिंह रावत सहित शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

