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श्रमिक नेता के आरोपों के बीच पुलिस ने गुंडा एक्ट में 4 माह के लिए किया जिला बदर

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श्रमिक नेता के आरोपों के बीच पुलिस ने गुंडा एक्ट में 4 माह के लिए किया जिला बदर


श्रमिक नेता के आरोपों के बीच पुलिस ने गुंडा एक्ट में 4 माह के लिए किया जिला बदर


हरिद्वार, 26 अक्टूबर (हि.स.)। एक तरफ संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा ने प्रेस क्लब में श्रम कानूनों के पालन और श्रमिक नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की, वहीं दूसरी तरफ उसी प्रेस वार्ता में शामिल रहे इंकलाबी मजदूर केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंकज बवाड़ी उर्फ पंकज कुमार को कोतवाली सिडकुल पुलिस ने गुण्डा एक्ट में 4 माह के लिए जिला बदर कर दिया।

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पहला पक्ष - ट्रेड यूनियन का आरोप:

मोर्चा के प्रतिनिधियों ने उद्योगों में श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया। पंकज बवाड़ी ने कहा कि फैक्ट्रियों में जायज मांग उठाने वाले श्रमिकों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है और पुलिस से परेशान कराया जा रहा है। श्रमिक नेताओं को डराना-धमकाना बंद हो, न्यूनतम वेतन, सम्मानजनक कार्य परिस्थिति और ठेका प्रथा समाप्त की जाए। श्रमिक नेताओं ने कहा मांग न मानी तो आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता में दीपा, खेमानंद, रोहित, सुनील, आनंद, अवधेश सहित कई मौजूद रहे।

दूसरा पक्ष : पुलिस की कार्रवाई:

आगामी विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष संपादित करने के लिए एसएसपी नवनीत भुल्लर के निर्देश पर चल रही निरोधात्मक कार्रवाई में कोतवाली सिडकुल पुलिस ने पेशेवर अपराधी पंकज बवाड़ी उर्फ पंकज कुमार के खिलाफ गुण्डा एक्ट की रिपोर्ट भेजी थी। इस पर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार ने 4 माह के लिए जिला बदर का आदेश जारी किया। पुलिस ने उसे आदेश का कड़ाई से पालन करने और तय अवधि में जनपद में प्रवेश न करने की सख्त चेतावनी दी है। जिला बदर करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अजय शाह, प्रवीण बिष्ट और हरिराज शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला