home page

जीपीओडब्ल्यू का रजत जयंती समारोह में 11 सूत्रीय मांगपत्र पारित

 | 
जीपीओडब्ल्यू का रजत जयंती समारोह में 11 सूत्रीय मांगपत्र पारित


हरिद्वार, 08 मार्च (हि.स.)। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन (जीपीओडब्ल्यू) के रजत जयंती समारोह एवं राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन हरिद्वार स्थित ऋषिकुल ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर संगठन ने 11 सूत्रीय मांगपत्र सर्वसम्मति से पारित किया।

मुख्य अतिथि व पूर्व आईएएस चंद्रशेखर भट्ट ने शनिवार देर शाम सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2040 के बाद देश में पारंपरिक पेंशनधारकों की संख्या बेहद कम रह जाएगी। ऐसे में पेंशनर्स के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए उनकी एकजुटता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था की शुरुआत सेवकों की आर्थिक सुरक्षा के उद्देश्य से की गई थी, किंतु वर्तमान में इसके स्वरूप में बदलाव हो रहा है, जिससे पेंशनर्स को सजग रहना होगा।

विशिष्ट अतिथि एवं उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. सुनील कुमार जोशी ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सक्रियता और आपसी संवाद स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है। उन्होंने संगठन की गतिविधियों को समाजहित में महत्वपूर्ण बताया।

वहीं उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि उनका अनुभव समाज के लिए मार्गदर्शक है। विभिन्न जिलों से आए वक्ताओं ने भी सेवानिवृत्ति के बाद राष्ट्र विकास में पेंशनर्स की भूमिका को रेखांकित किया।

जीपीओडब्ल्यू के जिलाध्यक्ष बी.पी. चौहान की अध्यक्षता तथा महामंत्री जे.पी. चाहर एवं प्रकाश जोशी के संयुक्त संचालन में पारित 11 सूत्रीय मांगपत्र में 8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स को प्रमुखता देने, गोल्डन कार्ड से संबंधित समस्याओं के समाधान, नोशनल इंक्रीमेंट लागू करने और पेंशनर्स दिवस से जुड़ी मांगें शामिल हैं।

कार्यक्रम में प्रांतीय महामंत्री बाली राम चौहान, मेलाधिकारी स्वास्थ्य डॉ. मनोज वर्मा, सेवानिवृत्त संयुक्त आयुक्त (कर) विश्वंभर दयाल, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण) रामजीलाल सहित अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अर्थ एवं संख्याधिकारी आर.के. जोशी द्वारा संपादित ‘सेकंड इनिंग’ शीर्षक स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह का वातावरण बनाया। आयोजन में अनेक सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला