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गणेश चतुर्थी को लेकर दूर हुआ भ्रम, 14 सितंबर को विराजेंगे गणपति बप्पा

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गणेश चतुर्थी को लेकर दूर हुआ भ्रम, 14 सितंबर को विराजेंगे गणपति बप्पा


हरिद्वार, 12 सितंबर (हि.स.)। सुख, समृद्धि और बुद्धि के दाता भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार गणेश चतुर्थी की तारीख को लेकर श्रद्धालुओं के बीच 14 और 15 सितंबर को लेकर भ्रम बना हुआ है। ज्योतिषविदों और पंचांगों के अनुसार उदयातिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर सोमवार को मनाया जाएगा।

ज्योतिषाचार्य पं. देवेन्द्र शुक्ल के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7.06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर को सुबह 7.44 बजे समाप्त होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश का प्राकट्य दोपहर के समय हुआ था। 14 सितंबर को दोपहर के समय चतुर्थी तिथि विद्यमान रहने के कारण इसी दिन गणपति बप्पा की स्थापना करना शुभ माना गया है।

11.02 से 1.31 बजे तक स्थापना का शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को गणेश प्रतिमा की स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11.02 बजे से दोपहर 1.31 बजे तक का समय शुभ रहेगा। श्रद्धालु इसी अवधि में विधि-विधान से बप्पा की स्थापना और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

ईशान कोण में करें प्रतिमा की स्थापना

ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार गणेश प्रतिमा स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी का इस्तेमाल किया जा सकता है। चौकी को घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाने की परंपरा है। चौकी पर स्वास्तिक बनाकर अक्षत से अष्टदल कमल बनाया जाता है। स्थापना के दौरान इस बात का भी ध्यान रखें कि गणपति की प्रतिमा का मुख श्रद्धालुओं की ओर रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला