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वन अधिकारियों-कर्मचारियों से अभद्रता और मारपीट की भारतीय वन सेवा संघ ने की कड़ी निंदा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

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वन अधिकारियों-कर्मचारियों से अभद्रता और मारपीट की भारतीय वन सेवा संघ ने की कड़ी निंदा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग


देहरादून, 05 नवंबर (हि.स.)। भारतीय वन सेवा संघ, उत्तराखंड चैप्टर ने पौड़ी गढ़वाल जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद गढ़वाल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) महातिम यादव और अन्य वन अधिकारियों एवं अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों के साथ हुई अभद्रता और मारपीट की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। संघ ने कहा कि शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

भारतीय वन सेवा संघ ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी गंभीर और संवेदनशील परिस्थितियों में वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात उपस्थित रहकर स्थिति को नियंत्रित करने और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव, उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) पौड़ी आयशा बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी नक्षत्र शाह और अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों द्वारा प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है।

संघ ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष में किसी परिवार द्वारा अपने प्रियजन को खोने का दुख अत्यंत पीड़ादायक है। संघ शोक संतप्त परिवार और प्रभावित समुदाय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है। हालांकि, ऐसी विषम परिस्थितियों में राहत, बचाव और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में जुटे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ हिंसा, धमकी अथवा दुर्व्यवहार करना उचित नहीं है। इस तरह की घटनाएं न केवल सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा को प्रभावित करती हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे वनकर्मियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल असर डालती हैं।

संघ ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सर्वोपरि है और सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। संघ ने घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध शीघ्र और प्रभावी वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

भारतीय वन सेवा संघ, उत्तराखंड चैप्टर ने डीएफओ महातिम यादव, एसडीओ आयशा बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी नक्षत्र शाह सहित उत्तराखंड वन विभाग के सभी अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के प्रति पूर्ण एकजुटता एवं समर्थन व्यक्त किया है। संघ ने सभी संबंधित पक्षों से वन प्रशासन के साथ शांतिपूर्ण ढंग से सहयोग करने की अपील की है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और उसके प्रभाव को कम करने के लिए चलाए जा रहे आवश्यक कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय