दूसरे दिन भी नहीं टूटा गतिरोध, हड़ताल पर डटे अस्थायी कर्मचारी
हरिद्वार,22 सितंबर(हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में अस्थायी कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी कुलसचिव कार्यालय प्रांगण में दिन-रात धरने पर डटे रहे। दूसरे दिन भी प्रशासन की ओर से वार्ता की पहल न होने से कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया है।
कर्मचारियों के अनुसार आंदोलन की मुख्य वजह अंतरिम कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा की ओर से अस्थायी कर्मचारियों के लिए कथित तौर पर की गई केकड़ा टिप्पणी, कुलसचिव द्वारा जारी 'नो वर्क नो पे' आदेश और वेतन संबंधी मांगें हैं। कर्मचारी संघ ने कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी और नो वर्क नो पे आदेश वापस लेने की मांग की है।
संघ के शाखा अध्यक्ष सोनू कुमार, महासचिव सुरेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष सागर तेश्वर और संगठन महामंत्री नवदीप भारद्वाज ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जरूरी है।
संघ की मांग है कि 10 साल से अधिक सेवा वाले अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए और 10 साल से कम सेवा वालों को न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह निश्चित वेतन दिया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
हड़ताल का असर विश्वविद्यालय की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। वहीं धरने को राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग संगठन की गुरुकुल शाखा ने भी समर्थन दिया है। शाखा अध्यक्ष संजय कुमार, प्रभारी जॉनी टांक और महामंत्री आनंद सिंह ने प्रशासन से शीघ्र वार्ता की मांग की।
छात्र नेताओं आशु मलिक और सोकेन्द्र बालियान ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया। यदि वार्ता शुरू नहीं हुई तो छात्रों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
धरने में रविकांत मलिक, रजनीश भारद्वाज, दीपक वर्मा सहित अधिकांश कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

