होलिका पूजन को उमड़ी भीड़, बाजारों में रौनक
हरिद्वार, 02 मार्च (हि.स.)। तीर्थनगरी हरिद्वार में सोमवार को होली पर्व की धूम रही। सुबह से ही महिलाओं, पुरूषों व बच्चों ने होलिका पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से शुरू होकर दिन भर होलिका पूजन का सिलसिला जारी रहा।
मंगलवार को चन्द्र ग्रहण होने के कारण देशभर में आज होलिका दहन किया जा रहा है। 3 मार्च को होने वाले चन्द्रग्रहण का सूतक, ग्रहण के नौ घंटे पूर्व यानि सुबह सवा छह बजे आरम्भ हो जाएगा। सूतक लगने के साथ ही मंदिरों के कपाट भी बंद हो जाएंगे, जो देर शाम ग्रहण की समाप्ति के बाद ही खुलेंगे। इस कारण सूतक के चलते आज ही होलिका दहन किया जा रहा है। हरिद्वार में रात्रि नौ बजे होलिका दहन किया जाएगा।
इसी के चलते सोमवार को दिन भर होलिका पूजन का सिलसिला चलता रहा। होली पर्व को लेकर बाजारों में भी खासी चहल-पहल रही। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, मान्यता है कि पुत्र प्रह्लाद की भक्ति से परेशान होकर पिता हिरण्यकश्यप ने बहन होलिका से प्रह्लाद को मारने के लिए कहा था। कहा जाता है कि होलिका को वरदान प्राप्त था कि उसको आग जला नहीं सकती। इसी वरदान के कारण होलिका भक्त प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर लकडि़यों के ढेर पर बैठ गईं, लेकिन भक्त प्रह्लाद का श्रीहरि में अटूट विश्वास था। इसलिए प्रह्लाद को आंच तक नहीं आई और होलिका जलकर राख हो गईं। इसी होलिका की राख से प्रह्लाद ने पहली होली खेली थी। तब से यह सिलसिला चला आ रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

