home page

भाकियू (टिकैत) के कई पदाधिकारियों ने संगठन छोड़ा, किसान मोर्चा में शामिल

 | 
भाकियू (टिकैत) के कई पदाधिकारियों ने संगठन छोड़ा, किसान मोर्चा में शामिल


रुड़की, 30 अक्टूबर (हि.स.)। हरिद्वार जिले के जाट बहुल क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) को संगठनात्मक झटका लगा है। संगठन में लंबे समय से चल रही नाराजगी के बीच कई पदाधिकारियों ने शुक्रवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ भाकियू टिकैत छोड़कर उत्तराखंड किसान मोर्चा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के मोहम्मदपुर जट्ट स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित किसान जनसभा में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं उठाने के साथ उत्तराखंड किसान मोर्चा में शामिल होने की घोषणा की।

बताया गया कि भाकियू टिकैत के कुछ पदाधिकारी लंबे समय से संगठन की कार्यकारिणी में फेरबदल और नई जिम्मेदारियां देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने इस संबंध में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के समक्ष भी अपनी बात रखी थी। मांगों पर बदलाव नहीं होने से नाराज पदाधिकारियों ने संगठन छोड़ने का निर्णय लिया।

उत्तराखंड किसान मोर्चा में शामिल होने वालों में चौधरी रामपाल सिंह, चौधरी पवन प्रधान, वीरेंद्र बूटी, रवि चौधरी, नरेश चौधरी, संजीव प्रधान, राजेंद्र सिंह खेड़ा, अशोक कुमार, योगेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, प्रमोद प्रधान, प्रदीप मंडावली, तेजपाल प्रधान, अरविंद कुमार दीक्षित और धीरज आनंदपाल सहित अन्य किसान शामिल रहे।

इस अवसर पर उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड का किसानों ने पगड़ी पहनाकर और फूल-मालाओं से स्वागत किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए गुलशन रोड ने कहा कि मोर्चा किसानों की समस्याओं और मांगों को संगठन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदेश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है और गन्ना किसानों का भुगतान भी लंबित है। उन्होंने कहा कि मोर्चा इन मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला