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कोटद्वार में नकली दवाइयों की फैक्ट्री सील, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

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कोटद्वार में नकली दवाइयों की फैक्ट्री सील, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई


-ऑपरेशन ‘फेक पिल’ के तहत 24 घंटे में दूसरी बड़ी कार्रवाई, 3 किलो टैबलेट और मशीनरी बरामद

देहरादून, 23 मई (हि.स.)। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन फेक पिल' के तहत पिछले 24 घण्टे में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटद्वार क्षेत्र में संचालित एक अवैध फैक्ट्री को सील कर दिया। एसटीएफ ने दावा किया है कि फैक्ट्री में नकली औषधियों के निर्माण का काम किया जा रहा था।

एसटीएफ के अनुसार सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स नामक प्रतिष्ठान में छापेमारी के दौरान पाया गया कि फैक्ट्री का औषधि निर्माण लाइसेंस वर्ष 2024 में निरस्त किया जा चुका था, बावजूद इसके परिसर में दवा निर्माण से संबंधित मशीनें और उपकरण संचालित मिले।

कार्रवाई के दौरान लगभग 3 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए। प्रथम दृष्टया मामला औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के उल्लंघन से जुड़ा पाया गया, जिसके बाद फैक्ट्री को सील कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एसटीएफ ने बताया कि उक्त फैक्ट्री पर वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के आरोप भी लग चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस ने भी यहां छापेमारी कर नकली दवाइयों और रेपर का बड़ा जखीरा बरामद किया था। फैक्ट्री स्वामी की पहचान विशद कुमार निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। कार्रवाई में एसटीएफ टीम के साथ औषधि निरीक्षक, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम भी शामिल रही।

एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अवैध औषधि निर्माण इकाई, नकली दवाओं के कारोबार या बिना लाइसेंस संचालित फैक्ट्री की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। पुलिस ने कहा कि मानव स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय