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स्मार्ट मीटर ऐप से उपभोक्ताओं को रोजाना बिजली खपत की मिल रही जानकारी

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स्मार्ट मीटर ऐप से उपभोक्ताओं को रोजाना बिजली खपत की मिल रही जानकारी


देहरादून, 27 जून (हि.स.)। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने कहा है कि स्मार्ट मीटर और स्मार्ट मीटर मोबाइल ऐप के माध्यम से उपभोक्ताओं को अब बिजली की दैनिक खपत, संभावित बिल, भुगतान और शिकायतों सहित विभिन्न सेवाओं की जानकारी घर बैठे मोबाइल पर उपलब्ध हो रही है। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर नियमित निगरानी रखकर खर्च को नियंत्रित कर पा रहे हैं।

यूपीसीएल के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी ने शनिवार को बताया कि पहले बिजली खपत की जानकारी मुख्य रूप से मासिक बिल आने के बाद मिलती थी, लेकिन स्मार्ट मीटर के जरिए अब उपभोक्ता रोजाना, साप्ताहिक और मासिक बिजली उपयोग का विवरण देख सकते हैं। इससे यह समझना आसान हो गया है कि किस अवधि में बिजली की खपत बढ़ी है और उसे कैसे कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आधुनिक विद्युत वितरण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके माध्यम से मीटर रीडिंग और बिलिंग जैसी प्रक्रियाएं स्वतः संचालित होती हैं। स्मार्ट मीटर ऐप पर उपभोक्ता बिजली खपत, बिल, भुगतान का विवरण और पिछले महीनों की खपत की तुलना भी आसानी से कर सकते हैं।

त्रिपाठी ने बताया कि विभाग ने विभिन्न स्थानों पर स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर लगाकर परीक्षण किया है, जिसमें स्मार्ट मीटर की रीडिंग पूरी तरह सटीक और विश्वसनीय पाई गई। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर, फ्रिज और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग से बढ़ने वाली बिजली खपत का प्रभाव भी उपभोक्ता ऐप पर आसानी से देख सकते हैं। ऐप के माध्यम से बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराने, उसकी स्थिति जानने तथा अन्य सेवाओं का लाभ लेने की सुविधा भी उपलब्ध है। समय पर बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को 1.5 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।

मुख्य अभियंता ने बताया कि स्मार्ट मीटर सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं के लिए भी उपयोगी हैं। एक ही मीटर ग्रिड में भेजी गई तथा ग्रिड से ली गई बिजली का अलग-अलग सटीक रिकॉर्ड रखता है, जिसकी जानकारी उपभोक्ता मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में स्मार्ट मीटरों के व्यापक उपयोग से बिजली वितरण व्यवस्था और अधिक दक्ष बनेगी तथा विभिन्न क्षेत्रों में बिजली मांग और लोड की बेहतर निगरानी संभव होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय