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चुनाव प्रेक्षकों की भूमिका पर देहरादून में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

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चुनाव प्रेक्षकों की भूमिका पर देहरादून में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित


देहरादून, 24 जुलाई (हि.स.)। चुनावों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनविश्वास को सुदृढ़ बनाने में चुनाव प्रेक्षकों की भूमिका पर शुक्रवार को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

मॉडल स्टैंडर्ड्स फॉर इलेक्टोरल ऑब्जर्वर विषय पर आयोजित सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के चुनाव विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हाइब्रिड माध्यम से भाग लिया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से आयोजित सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने कहा कि चुनाव प्रेक्षक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी कर चुनावों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनविश्वास को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से चुनाव प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाने का प्रयास है।

भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारती ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि प्रेक्षकों की सक्रिय एवं निष्पक्ष उपस्थिति से चुनावी मशीनरी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनती है। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में जनता का निर्वाचन प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना प्रत्येक प्रेक्षक का सर्वोच्च दायित्व है।

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. तवस्सुम नकवी ने निर्वाचन आयोग द्वारा शिक्षण संस्थानों और विशेषज्ञों के सहयोग से आधुनिक प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करने के प्रयासों की सराहना की।

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में सीजीएसटी देहरादून के अपर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने व्यय प्रेक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डिजिटल और सोशल मीडिया प्रचार की निगरानी के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई। स्टेट पुलिस ट्रेनिंग नोडल आईजी अनंत शंकर ताकवले ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग से भविष्य की चुनावी चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना किया जा सकता है।

विशेष परिचर्चा में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने विभिन्न देशों में चुनाव प्रबंधन में प्रेक्षकों की भूमिका पर विचार रखे, जबकि हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने में फील्ड मशीनरी की भूमिका पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका, रोमानिया, आयरलैंड, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, हंगरी और नेपाल के चुनाव प्रबंधन संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ 20 से अधिक विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने चुनाव प्रबंधन से जुड़े विषयों पर अपने शोध और अनुभव साझा किए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय