पीजीआई रैंकिंग में उत्तराखंड का 15 वां स्थान
-‘आकांक्षी-1’ से ‘प्रचेष्टा-3’ श्रेणी में पहुंचा राज्य
देहरादून, 08 मई (हि.स.)। विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। केन्द्र सरकार की ओर से जारी वर्ष 2024-25 की परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई)-2.0 रिपोर्ट में राज्य ने कुल 584.5 अंक प्राप्त कर देशभर में 15 वां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष राज्य 24 वें स्थान पर था।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, शिक्षकों की मेहनत और विभागीय अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालयी शिक्षा में किए जा रहे सुधार अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।
उत्तराखंड ने अपनी श्रेणी में भी बड़ा सुधार दर्ज करते हुए ‘आकांक्षी-1’ से ‘प्रचेष्टा-3’ श्रेणी में जगह बनाई है। इस श्रेणी में राज्य ने गोवा, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्यों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज की है।
मंत्री ने बताया कि राज्य ने पीजीआई रैंकिंग के छह प्रमुख डोमेन और 72 सूचकांकों में कुल 584.5 अंक अर्जित किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 58.2 अंक अधिक हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नेंस प्रोसेसेज, समानता एवं समावेशन, पहुंच तथा शिक्षक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। समानता एवं समावेशन क्षेत्र में उत्तराखंड ने 260 में से 222.2 अंक प्राप्त किए, जबकि गवर्नेंस प्रोसेसेज में 78.5 अंक हासिल हुए।
इसी प्रकार पहुंच क्षेत्र में राज्य को 80 में से 64.7 अंक मिले, जो विद्यालयों की उपलब्धता, नामांकन और विद्यार्थियों की पहुंच में सुधार को दर्शाते हैं। आधारभूत संरचना क्षेत्र में 84.9, शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में 66.8 और लर्निंग आउटकम्स में 67.4 अंक प्राप्त हुए हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समावेशी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और डिजिटल शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आधारभूत संरचना और लर्निंग आउटकम्स में और सुधार हो सके। उन्होंने यू-डायस प्लस, प्रबंध तथा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

