home page

मेडिकल आधार पर तबादलों में सख्ती, शिक्षकों की दोबारा होगी स्वास्थ्य जांच

 | 
मेडिकल आधार पर तबादलों में सख्ती, शिक्षकों की दोबारा होगी स्वास्थ्य जांच


देहरादून, 04 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड सरकार ने मेडिकल आधार पर स्थानांतरण लेने वाले शिक्षकों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्रों पर सख्ती करने का फैसला किया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को निदेशालय स्तर पर विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह बोर्ड मेडिकल प्रमाणपत्रों के आधार पर स्थानांतरण का दावा करने वाले शिक्षकों का दोबारा स्वास्थ्य परीक्षण करेगा।

धन सिंह रावत ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि इस बार शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाएगा। मेडिकल आधार पर मिलने वाली छूट का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए विशेष मेडिकल बोर्ड न केवल संबंधित शिक्षक, बल्कि जिन माता-पिता, सास-ससुर, पति-पत्नी अथवा बच्चों की गंभीर बीमारी के आधार पर स्थानांतरण का दावा किया गया है, उनके स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों का भी परीक्षण करेगा। राज्य स्तरीय चिकित्सा बोर्ड से जारी प्रमाणपत्रों की भी सत्यता की जांच कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई स्वास्थ्य प्रमाणपत्र फर्जी या तथ्यों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में कुछ शिक्षकों द्वारा फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्रों के आधार पर मनचाहे स्थानों पर तैनाती लेने की शिकायतें मिली थीं, जिन्हें रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी गंभीर बीमारी या शारीरिक अक्षमता के कारण अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर शीघ्र निदेशालय को भेजने को कहा गया है।

राज्य सरकार ने शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए शिक्षा विभाग को 55 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया है। मंत्री ने बताया कि विभाग के अनुरोध पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानांतरण अधिनियम से छूट और समय विस्तार को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा विद्यालयों में रिक्त पदों के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय