दून पुस्तक महोत्सव में साहित्य और विचारों पर मंथन
देहरादून, 05 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय दून पुस्तक महोत्सव के अंतर्गत ‘दून लिट फेस्ट’ के दूसरे दिन रविवार को साहित्य, समाज और ज्ञान के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई।
परेड मैदान पर आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, डॉ. आरके जैन, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे और देवभूमि यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
प्रो. मराठे ने साहित्य को समाज हित की अभिव्यक्ति बताते हुए उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख किया। डॉ. आरके जैन ने पुस्तकों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि ज्ञान अर्जन का प्रमुख माध्यम पुस्तकें ही हैं। मुख्य अतिथि रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की भूमिका की सराहना करते हुए साहित्य और लेखन को समाज निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पहले सत्र में लेखक एवं खोजी पत्रकार जुपिंदर सिंह ने अपनी पुस्तक ‘भगत सिंह की पिस्तौल की खोज’ पर चर्चा की और शोध आधारित लेखन के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, लेखिका अद्वैता काला ने स्वतंत्र भारत में महिला अभिव्यक्ति और अपने लेखन अनुभव साझा किए।
महोत्सव में आगामी दिनों में बर्जिस देसाई, कुलप्रीत यादव और आचार्य प्रशांत सहित कई प्रमुख हस्तियां विभिन्न सत्रों में भाग लेंगी। सांस्कृतिक संध्या में ‘वुमनिया बैंड’ की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में गढ़वाली, कुमाऊंनी सहित विभिन्न भाषाओं की लाखों पुस्तकें प्रदर्शित की जा रही हैं। आयोजन के तहत लगातार साहित्यिक सत्र, पुस्तक चर्चाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

